राष्ट्रीय लोक अदालत में तेरह हजार से ज्यादा केसों का निपटारा – सीजेएम अमित वर्मा

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More than thirteen thousand cases settled in National Lok Adalat – CJM Amit Verma

 

Rewari News : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेवाड़ी श्री जी एस वाधवा के निर्देशानुसार अमित वर्मा  मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की देखरेख में दिनांक 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप चौधरी, अतिरिक्त जिला एवम् सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा , अतिरिक्त मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री, मिस निशा जे एम आई सी कोसली, आलोक आनंद सिविल जज सीनियर डिवीजन बावल, सिविल जज आकाश सरोहा, सिविल जज मिस बेनिका की लोक अदालतों में मामलों का मौके पर ही आपसी सहमति से निपटारा किया गया।

 

राष्ट्रीय लोक अदालत में 40 मोटर दुर्घटना मुआवजा ( accidental insurance claim )  के मामलों का निपटारा करते हुए 3,22,12,559 रूपये मोटर दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों/ घायलों को वितरित किए गए। स्थाई लोक अदालत द्वारा  राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को किया गया था, जिनमें 561 मामलों का निपटारा करते हुए रुपए  38,38,217 की राशी को स्वीकृत किए गया था। इसी तरह 133 चेक बाउंस, 55 दीवानी मामले  व 317 बिजली के मामले व अन्य मामलों का भी निपटारा किया गया। 

गौरतलब है कि इस लोक अदालत के दौरान जिला रेवाड़ी में 13075 मुकदमों का निपटारा किया गया तथा कुल 8 करोड़ 61 लाख 46 हजार 400  रुपए की राशि का भुगतान हुआ।राष्ट्रीय लोक अदालत में जजों ने वादकारियों से बातचीत की, उनके मुक़दमों तथा पेश आने वाली कठिनाईयों के बारे में जाना तथा सभी को ज्यादा से ज्यादा समय देकर उनके केसों के निपटारे के लिए भरसक प्रयास किया। 

गौरतलब है कि लोक अदालत के माध्यम से वादों का निपटारा जल्द कराया जा सकता है तथा लोक अदालत के माध्यम से सुलझाए गए मामलों में आगे कोई अपील/ पुनरीक्षण दायर नहीं की जा सकती जिससे समय व धन दोनों की ही बचत होती है। 

इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के सचिव श्री अमित वर्मा ने बताया कि लोक अदालत के निर्णय से किसी भी पक्ष की हार जीत नहीं होती बल्कि दोनों पक्षों के साथ उचित न्याय होता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों पर बाध्यकारी व अंतिम होता है। लोक अदालत में सुलह द्वारा प्राप्त निर्णय से आपसी द्वेष भावना मिटती है।

इसके अलावा श्री वर्मा ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 0 1274-220 062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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